खुदीराम बोस

दोस्तों हमारे देश भारत को आजाद करवाने के लिए न जाने कितने नौजवानों ने अपनी जान न्योछावर कर दी, माताओं ने अपने लाल खोये और न जाने कितनी सुहागिने विधवा हो गईं। इन सबका हिसाब लगाना नामुमकिन है। उन लोगों ने अंग्रेजों के अत्याचार सहने के बजाय मौत को गले लगाना ज्यादा बेहतर समझा। और … Read more