आरती काली मां की

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पडो माँ, करके सिंह सवारी॥ सौ सौ सिंहों से तु बलशाली, दस भुजाओं वाली। दुखिंयों के दुखडें निवारती, ओ मैया हम … Read more