खूनी बवासीर का इलाज | Treatment of Bloody Piles in Hindi

Khooni bawaseer ka desi ilaj : खूनी बाबासीर बहुत ही गंभीर बवासीर की समस्या (What is bloody piles in Hindi) है और इसमें रोगियों को असहनीय दर्द के साथ-साथ रक्तस्राव होने की समस्या होने लगती है। वर्तमान समय में अमूमन लोग सामान्य रूप से इसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं और यदि आप भी इस बीमारी का शिकार हैं और आप जानना चाहते हैं, कि खूनी बवासीर के घरेलू उपाय क्या है (khooni bavasir ke upay) ? एवं इसके प्राथमिक लक्षण क्या होते हैं (khooni bawaseer ke symptom in Hindi) , तो आज के इस लेख को अंतिम तक अवश्य पढ़े और आपको यह लेख अवश्य आपके सवालों का जवाब देने में सफल होगा।

खूनी बवासीर क्या है (What is bloody piles in Hindi)?

Khooni bavasir ke bare mein Puri jankari : जब मानवी शरीर में मलासन और गुदा में मौजूद नसों का आकार बढ़ने लगता है, तो इस परिस्थिति को हम बाबासीर या फिर पाइल्स कहते हैं। खूनी बवासीर होने पर रोगियों कोमल विसर्जन करने के समय बूंद बूंद कर खुन या फिर पिचकारी के समान खून का स्राव होता है। खूनी बवासीर में रोगियों को खुजली जलन और अन्य प्रकार की समस्या धीरे-धीरे होने लगती है। कुछ रोगियों को खूनी बवासीर होने पर मल विसर्जन करते वक्त या फिर मर विसर्जन करने के बाद अति तीव्र या धीमी गति का दर्द महसूस होता है। अगर इस बीमारी को ठीक ना किया जाए तो रोगियों को अत्यधिक समस्या हो जाती है और यहां तक की खून की कमी होने की समस्या का भी कारण बाबासीर बन जाता है।

खूनी बवासीर के लक्षण क्या हैं (What are the symptoms of bloody piles in Hindi)?

khooni bawaseer ke lakshan : कुछ-कुछ रोगियों में खूनी बवासीर के लक्षण दिखाई नहीं देते (bloody piles disease ke lakshan in Hindi) है और कुछ कुछ रोगियों में इसके लक्षण शीघ्र ही दिखाई देने लगते हैं। अब आइए आगे जानते हैं, कि खूनी बवासीर होने पर कौन-कौन से लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जो इस प्रकार से नीचे निम्नलिखित हैं।

  • मल के प्रकार एवं मल के रंग में बदलाव होना या रक्तस्राव दिखाई देना।
  • मल त्यागने के नियम में बदलाव होना।
  • शरीर का वजन दिन-प्रतिदिन कम होते चले जाना।
  • गुदा में रुक-रुक कर तेज या धीमी गति से दर्द महसूस होना।
  • बुखार होना।
  • चक्कर आना।
  • पेट में दर्द होना।
  • मतली और उल्टी होना।

खूनी बवासीर के रोकथाम क्या है (Prevention of bleeding piles in Hindi)?

दोस्तों अगर आपको खूनी बवासीर के लक्षण दिखाई दे रहे हैं या फिर परीक्षण के उपरांत आपको खूनी बाबासीर सकारात्मक का परिणाम मिला है, तो ऐसे में आपको कुछ आवश्यक रोकथाम करने चाहिए (khooni bawaseer ke liye roktham) , जिससे इस बीमारी को नियंत्रण में किया जा सके। चलिए अब आगे को नहीं बबासीर के रोकथाम संबंधित जानकारी को जान लेते हैं, जो इस प्रकार से नीचे निम्नलिखित है।

  • कठोर चीजों का इस्तेमाल ना करें :-

    टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करना सही नहीं है, अगर आपको बाहरी बाबासीर है, तो टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करने पर आपको परेशानी हो सकती है और इससे आपको घाव भी बन सकता है। हो सके तो किसी भी खुशबू या अन्य कोई उत्तेजक पदार्थ वाले वस्तु का भी इस्तेमाल इसके लिए ना करें। अपने हल्के हाथों का या फिर हल्के दबाव वाले पानी के प्रेशर का इस्तेमाल आप कर सकते हैं।

  • ठंडी ठंडी सिकाई करें :-

    वर्षा का टुकड़ा तौलिए में लपेट कर उस पर बैठ जाएं और इससे बाबासीर में होने वाली सूजन एवं अन्य तकलीफें कम हो जाती हैं। इस प्रक्रिया को 20 मिनट तक लगातार ना करें थोड़ा समय का अंतराल दे देकर आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • अत्यधिक जोर ना लगाएं :-

    मल त्यागने के लिए अत्यधिक जोर ना लगाएं और ना ही लंबे वक्त तक टॉयलेट में बैठे रहें अगर आप ऐसा करेंगे, तो बाबासीर के दबाव का खतरा बढ़ने लगेगा और आपके लिए यह समस्या पैदा कर देगा।

  • पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन करें :-

    पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन ना करने से शरीर में कब्ज की समस्या होती है और यह बाबासीर के लिए भी काफी ज्यादा दिक्कतों को बढ़ावा देती है, इसलिए आपको यदि बाबासीर है, तो अत्यधिक मात्रा में समय-समय पर जल का सेवन करते रहना चाहिए, जिससे कब्ज की समस्या आपको ना होने पाए।

  • फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें :-

    बाबासीर की समस्या होने पर हमें धीरे-धीरे अपने खानपान में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन अत्यधिक रूप से करना चाहिए और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने से कब्ज की समस्या नहीं होती एवं मल बेहद आसानी से एवं सही समय पर होने लगता है।

  • शारीरिक गतिविधियां करते रहें :-

    नियमित रूप से कुछ ना कुछ शारीरिक गतिविधि करने से कब्ज की समस्या नहीं होती है और यदि आपको कब्ज की समस्या इस बीमारी में नहीं होगी, तो आपको इस बीमारी से ज्यादा तकलीफ भी नहीं होगी, इसीलिए कुछ ना कुछ आवश्यक शारीरिक गतिविधियां नियमित रूप से करें।

खूनी बवासीर का घरेलू इलाज क्या है (What is the home remedy for bloody piles in hindi)

Khooni bawaseer ke liye gharelu upay : यदि खूनी बवासीर के बताए गए लक्षण आपको 15 दिन से अधिक दिखाई देने लगते हैं और साथ ही में आपको दर्द की शिकायत भी निरंतर रूप से बनी रहती है, तो आपको तुरंत बिना किसी देरी के मेडिसिन, सर्जरी एवं कुछ घरेलू उपाय (home remedies for bloody piles in Hindi) भी इसे नियंत्रित करने के साथ-साथ सही करने के लिए कर सकते हैं।चलिए आगे खूनी बवासीर के कुछ घरेलू उपाय के बारे में जानते हैं, जो इस प्रकार से नीचे निम्नलिखित बताए गए हैं।

  1. जीरा का करें सेवन :-

    बवासीर के घरेलू उपाय के रूप में आप जीरे को दो प्रकार से इसके इलाज के लिए कर सकते हैं, पहला उपाय आपको एक चम्मच जीरा अच्छे तरीके से मध्यम आंच में भुन्न लेना है। अब इसे ठंडा होने दें और फिर इसे आप मिश्री के साथ चूसे। इस विधि से भी बाबा सीन से छुटकारा पाया जा सकता है और बाबासीर के लिए दूसरा घरेलू उपाय रात में सोने के समय एक चम्मच जीरे को पूरे एक गिलास पानी में भिगो कर रख ले और फिर सुबह इसी पानी को खाली पेट पीने और यह प्रक्रिया नियमित रूप से करें, इस प्रक्रिया के जरिए भी खूनी बवासीर को सही किया जा सकता है।

  2. दही का करें सेवन :-

    बाबासीर की तकलीफ होने पर दही का नियमित सेवन भी आपको इससे राहत दिला सकता है।नियमित रूप से दही का सेवन करने पर कब्ज जैसी समस्या नहीं होती है और हमेशा पेट साफ रहता है। प्रतिदिन भोजन करने के उपरांत करीब एक कटोरा भर कर उसमें मिश्री मिलाकर दही का सेवन करना चाहिए और इस विधि से खूनी बवासीर से होने वाले दर्द और जलन से भी राहत मिलती है।

  3. अंजीर का करे सेवन :-
    यदि आप खूनी बाबासीर का घरेलू उपाय तलाश कर रहे हैं, तो ऐसे में आप इसके सटीक इलाज के लिए अंजीर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अंजीर कब्ज जैसी समस्या को भी दूर करने में काफी लाभकारी होता है और इसका सेवन बाबासीर के रोगियों को तो करना ही चाहिए। बवासीर के इलाज के लिए इसे एक सूखे अंजीर को रात भर गर्म पानी में भिगोकर रख दें और फिर सुबह उठकर खाली पेट इस पानी का सेवन करें। अंजीर के सारे गुण आपको पानी में मिल जाएंगे और फिर इस बीमारी से भी राहत आपको धीरे-धीरे देखने को मिल जाएगी।

  4. पपीते का करें सेवन :-

    पपीते में कब्ज को दूर करने और बाबासीर के दवा का एक रामबाण गुण मौजूद होता है ।पपीता के अंदर मिनरल्स और विटामिंस भरपूर मात्रा में रहते हैं और इसे यदि आप को नहीं बाबासीर के इलाज के रूप में सेवन करना चाहते हैं, तो सर्वप्रथम आपको इसे नियमित रूप से नाश्ते के रूप में लेना होगा और इससे भी आप को काफी राहत मिलना शुरू हो जाएगी। इसके अतिरिक्त पपीते के जूस को यदि आप गुदा वाले जगह पर लगाएं तो बाबासीर से आपको होने वाली जलन और दर्द से भी राहत मिल सकती है।

  5. व्यायाम करें :-

    कई सारे आज के समय में लोग कब्ज को दूर करने के लिए बयान करते हैं और बहुत से ऐसे आसान है, जिन्हें करने पर कब्जे की समस्या को दूर करने के साथ-साथ शरीर की पाचन शक्ति को भी सुधारा जा सकता है और शरीर को स्वस्थ बनाए जा सकता है। बाबासीर की समस्या होने पर आप कुछ बयान कर सकते हैं जैसे कि अनुलोम विलोम और प्राणायाम। इसके अतिरिक्त भी कई सारे व्यायाम के आसार हैं, जिन्हें करने पर कब्ज एवं अन्य शारीरिक समस्याओं को ठीक किया जा सकता है।

निष्कर्ष :-

आज के इस लेख में हमने आप सभी लोगों को खूनी बवासीर क्या है (khooni bawaseer bimari kya hai) ? और खूनी बवासीर के लक्षण (khooni bawaseer ke lakshan kya hai in Hindi) ? एवं खूनी बवासीर के घरेलू उपाय कौन-कौन से हैं ( bavasir ke gharelu upay in Hindi) ?, इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी है और हमें उम्मीद है, कि आपको आज का हमारा यह लेख अवश्य पसंद आया होगा अगर हां तो आप इसे अपने मित्र जन और परिजन के साथ अवश्य साझा करें एवं इसके साथ इस लेख से संबंधित अगर आपके कोई सवाल या सुझाव है, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं।