विटामिन्स क्या है और ये शरीर के लिए क्यों जरुरी हैं?

विटामिन्स वो आवश्यक पोषक तत्व हैं जो आपके शरीर को ठीक से काम करने के लिए चाहिए होते हैं। विविध और संतुलित आहार खाने से उन सभी पोषक तत्वों को प्राप्त किया जा सकता है, जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है। कभी-कभी किसी एक विटामिन की थोड़ी सी कमी शरीर में बड़े रोगों को जन्म दे देती है। प्राकृतिक विटामिन कार्बनिक खाद्य पदार्थ हैं जो केवल जीवित चीजों अर्थात पौधे और पशुओं में पाए जाते हैं। कुछ अपवादों को छोड़कर हमारा शरीर विटामिन का निर्माण या संश्लेषण नहीं कर सकता है। उनकी आपूर्ति आहार के द्वारा ही संभव है। विटामिन हालांकि छोटी मात्रा में ही शरीर के लिए ज़रूरी हैं, पर ये हमारे शरीर के सामान्य कामकाज के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। वे विकास, जीवन शक्ति, सामान्य स्वास्थ्य और कई स्वास्थ्य समस्याओं और बीमारियों की रोकथाम व इलाज के लिए आवश्यक हैं।

विटामिन्स के प्रकार (Types of Vitamins)

विटामिन्स दो प्रकार के होते हैं- वसा में घुलनशील और पानी में घुलनशील।

वसा में घुलनशील विटामिन (Fat-soluble vitamins)

वसा में घुलनशील विटामिन मुख्य रूप से उन खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं जिनमें प्राकृतिक वसा ऊंची मात्रा में होती है- जैसे डेयरी उत्पाद या दूध के उत्पाद, अंडे और तैलीय मछली।

वसा में घुलनशील विटामिन में शामिल हैं:-
1) विटामिन ए
2) विटामिन डी
3) विटामिन ई
4) विटामिन के

1) विटामिन ए

विटामिन ए में शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जाना जाता है:
> संक्रमण से लड़ने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।
> आँखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है।
> आपकी त्वचा को स्वस्थ रखता है।
विटामिन ए के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– पनीर
– अंडे
– मछली
– दूध और दही

2) विटामिन डी

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विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट की मात्रा को नियमित करने में मदद करता है, हड्डी, दांत और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन डी महत्वपूर्ण है।
विटामिन डी सूरज की रोशनी से हमारी त्वचा द्वारा बनाया जाता है और कुछ खाद्य पदार्थों में भी ऊंची मात्रा में पाया जाता है। शाकाहारी लोगों को कई बार विटामिन डी की कमी हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में वे डॉक्टर की सलाह से विटामिन-डी के सप्लिमेंट्स ले सकते हैं।

विटामिन डी के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– तैलीय मछली – जैसे सैल्मन, हेरिंग और मैकेरल
– रेड मीट – जैसे लिवर और किडनी
– अंडे की जर्दी
– सोया उत्पाद

3) विटामिन ई

विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है जो निम्नलिखित में मदद करता है:
> क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करने और उन्हें फ्री-रेडिकल्स से बचाने में।
> त्वचा और आंखों को स्वस्थ रखने में।
> प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में।

विटामिन ई के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– जैतून का तेल, सूर्यमुखी का तेल
– पपीता, आम
– पालक, ब्रोकोली और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियाँ
– नट्स
– अनाज और अनाज उत्पाद

4) विटामिन के

विटामिन के स्वस्थ हड्डियों और ब्लड क्लोट्टिंग के लिए महत्वपूर्ण है।

विटामिन-के के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– हरी पत्तेदार सब्जियां – जैसे ब्रोकोली और पालक
– वनस्पति आधारित तेल
– नट्स जैसे कि मूँगफली
– मांस
– फूलगोभी, पत्तागोभी
– दूध और दुग्ध उत्पाद
– सोया बीन

पानी में घुलनशील विटामिन (Water-soluble vitamins)

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वसा में घुलनशील विटामिन के विपरीत, आपको पानी में घुलनशील विटामिन का अधिक बार सेवन करना होगा। आपका शरीर भविष्य में उपयोग के लिए इन्हें स्टोर नहीं कर सकता है और ये मूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
पानी में घुलनशील विटामिन में शामिल हैं:
1) विटामिन सी
2) विटामिन बी
3) फोलिक एसिड

पानी में घुलनशील होने के कारण, ये विटामिन पकाने के दौरान गर्मी से, हवा के संपर्क में आने से या पानी में घुल जाने से नष्ट हो सकते हैं। इसीलिए इन विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थों को उबालने के बजाय इनको भाप या ग्रिल करना बेहतर होता है।

1) विटामिन सी

विटामिन सी एस्कॉर्बिक एसिड के रूप में भी जाना जाता है। यह निम्नलिखित कार्यों में मदद करता है:
> कोशिकाओं को सुरक्षित और स्वस्थ रखने में
> घाव भरने में
विटामिन सी विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों में पाया जाता है। अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– खट्टे फल – संतरे और अंगूर सहित
– लाल और हरी मिर्च, शिमला मिर्च
– आलू
– स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी
– हरी पत्तेदार सब्जियां – जैसे ब्रोकोली
– पत्तागोभी, फूलगोभी, टमाटर

2) विटामिन बी1 (थियामिन)

थायमिन को विटामिन बी 1 के रूप में भी जाना जाता है। यह अन्य बी विटामिनस को भोजन से ऊर्जा को ज़ारी करने में मदद करता है और आपके नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखता है। थायमिन प्रायः हर प्रकार के भोजन में पाया जाता है। अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:

– मांस और मछली
– सब्जियां – जैसे मटर, शतावरी और स्क्वैश
– ताजा और सूखे फल
– अंडे
– होलग्रेन ब्रेड

विटामिन बी2 (राइबोफ्लेविन)

राइबोफ्लेविन को विटामिन बी 2 के रूप में भी जाना जाता है। यह आपकी त्वचा, आंखों और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने और आपके द्वारा खाए गए भोजन से ऊर्जा जारी करने में मदद करता है।
राइबोफ्लेविन के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– दूध
– अंडे
– चावल

विटामिन बी3 (नियासिन)

नियासिन को विटामिन बी 3 के रूप में भी जाना जाता है। यह आपके द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों से ऊर्जा जारी करने और आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
नियासिन के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– मांस
– मछली
– गेहूं का आटा
– अंडे
– दूध

विटामिन बी6 (पाइरिडोक्सिन)

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पाइरिडोक्सिन को विटामिन बी 6 के रूप में भी जाना जाता है। यह मदद करता है:

> भोजन में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा का उपयोग और भंडारण करने में।
> हीमोग्लोबिन का निर्माण करने में।
विटामिन बी6 के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– चिकन
– मछली
– साबुत अनाज – जैसे दलिया, ब्राउन चावल और रोटी
– अंडे
– सब्जियां
– सोया बीन
– मूंगफली
– दूध
– आलू
– केला

विटामिन बी12

विटामिन बी12 आपके शरीर की मदद करता है:
> लाल रक्त कण बनाने और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने में
> भोजन से ऊर्जा ज़ारी करने में
फोलिक एसिड की प्रक्रिया में अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– मांस
– मछली – जैसे सामन और कॉड
– दूध खाद्य पदार्थ
– अंडे

विटामिन बी12 प्राकृतिक रूप से पौधों और अनाजों में नहीं पाया जाता है। यदि आप शाकाहारी हैं, तो आपको विटामिन बी12 की कमी वाले एनीमिया के जोखिम को कम करने के लिए बी विटामिन के सप्लिमेंट्स लेने पर विचार करना चाहिए।

3) फोलिक एसिड

फोलिक एसिड (जिसे फोलेट भी कहा जाता है) स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने के लिए विटामिन बी12 के साथ काम करता है। यह अजन्मे शिशुओं में सेंट्रल नर्वस सिस्टम के विकारों के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है।
फोलिक एसिड के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं:
– ब्रोकोली
– लिवर
– पालक
– एस्परैगस
– मटर
– चने
यदि आपके भोजन में पर्याप्त फोलिक एसिड नहीं है, तो आपको फोलेट की कमी वाले एनीमिया का खतरा हो सकता है।

विटामिन सबसे पहले संतुलित और विविध आहार से लेना चाहिए, जिसमें भरपूर मात्रा में फल और सब्जियां शामिल हों। हालांकि, कुछ मामलों में, सप्लिमेंट्स उपयुक्त हो सकते हैं। एक डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान या कुछ बीमारियों में विटामिन सप्लिमेंट्स खाने की सलाह दे सकता है।

सप्लीमेंटस लेने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि बताई गई अधिकतम खुराक से अधिक न लें, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ दवाएं विटामिन सप्लीमेंटस पर असर डाल सकती हैं, इसलिए सप्लीमेंटस का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है।