बर्ड फ्लू क्या है, इसके लक्षण और बचाव के उपाय क्या हैं?

बर्ड फ्लू क्या है (What is Bird Flu)

कोरोना वॉयरस से अभी दुनिया भर में तहलका मचा हुआ है कि भारत में एक और बीमारी ने लोगों को चिन्ता में डाल दिया है। अपने देश में बर्ड फ्लू तेजी से फ़ैल रहा है। कई प्रदेश जैसे की पंजाब , राजस्थान , हिमाचल प्रदेश , मध्य प्रदेश में तो इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। हिमाचल में तो मछली , मुर्गे , अंडे की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। राजस्थान में तो आज दिनक 6 January 2021 तक लगभग 1000 कौओं की मौत हो चुकी है। देश के बाकी राज्यों में भी कुछ ऐसा ही हालात हैं। ऐसा नहीं की ये बीमारी सिर्फ पक्षियों तक ही सीमित रहती है , ये इंसानों के लिए भी बहुत खतरनाक है।

विभिन्न समाचार सूत्रों से पता चला है कि केरल के कुछ जिलों में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए मुर्गियों और बतखों को मारने का प्रशाशन ने आदेश दे दिया है। हिमाचल में अभी तक 2000 से ज्यादा पक्षियों के मरने से पर्यटकों पर रोक लगा दिया गया है और आस – पास के एरिया में मुर्गियों , बतखों और अन्य पालतू पक्षियों को मारने का आदेश दे दिया गया है।

बर्ड फ्लू का पहला मामला 1996 में चीन में मिला था। दिसंबर 2020 में जापान , साउथ कोरिया और चार यूरोपीय देशों में बर्ड फ्लू के मामले आने शुरू हुए थे परन्तु अब ये तेजी से भारत के कई हिस्सों में फ़ैल चुका है।

बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहते हैं। ये एक पक्षी से दूसरे पक्षी में आसानी से फ़ैल जाता है। बर्ड फ्लू का सबसे खतरनाक स्टैन H5N1 होता है। H5N1 वायरस से संक्रमित पक्षी की मौत भी हो सकती है। ये वायरस संक्रमित पक्षियों से अन्य जानवरों और इंसानो में फ़ैल जाता है और इनमें भी उनता ही खतरनाक होता है।

1997 में हॉन्ग कॉन्ग में पहला मामला इंसानों में आया था। उस समय इसके फैलने का कारण पोल्ट्री फॉर्म में संक्रमित मुर्गियों को बताया गया था और इससे संक्रमित लगभग 60 प्रतिशत लोगों की मौत हो गयी थी। ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल , नाक के स्राव , मुंह की लार या आंखों से निकलने वाले पानी के संपर्क में आने से होती है।

अपने देश में मुर्गी पालन बहुत बड़े स्तर पर किया जाता है। अब तो लोग इसको एक व्यापार के रूप में कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने तो एक योजना चला रखी है जिसके तहत लोगों को सहायता प्रदान करायी जा रही है। इस योजना की और जानकारी के लिए आप उत्तर प्रदेश मुर्गी पालन लोन योजना पर विजिट कर सकते हैं। बर्ड फ्लू का सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान पोल्ट्री फॉर्मर को होता है। बर्ड फ्लू के कारण सभी मुर्गियों को मरना पडता है।

बर्ड फ्लू के लक्षण (Symptoms of bird flu):

बर्ड फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं लेकिन सांस लेने में समस्या और हर वक्त उल्टी होने का एहसास इसके खास लक्षण हैं। अगर आप को नीचे दिए गए लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें – 

  • खांसी (आमतौर पर सूखी खांसी) 
  • गले में खराश, बंद नाक या नाक बहना 
  • थकान, सिरदर्द 
  • ठंड लगना, तेज बुखार
  • जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में दर्द 
  • नाक से खून बहना 
  • सीने में दर्द 

बचाव के उपाय (Bird flu prevention measures)

जैसा की हम सब जानते हैं कि बर्ड फ्लू सबसे पहले पक्षियों में फैलता है और अगर आप संक्रमित पक्षी के संपर्क में आये तो आप को भी फ़ैल सकता है। अगर हम नीचे दी गई कुछ बातों का ख्याल रखें तो इससे बच सकते हैं। 

  • चिकन या अंडा खाने से बचें 
  • समय-समय पर अपने हाथ साबुन-पानी से धोते रहें 
  • पक्षियों से दूर रहें 
  • ऐसी जगहों पर जाने से बचें, जहां बर्ड फ्लू का प्रकोप है 
  • इंफ्लूएंजा का टीका लगवाने के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें

इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू (How bird flu spreads in humans)

बर्ड फ्लू इंसानों में तभी फैलता है जब वो किसी संक्रमित पक्षी के संपर्क में आए हों। ये करीबी संपर्क कई मामलों में अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोगों में ये संक्रमित पक्षियों की साफ-सफाई से फैल सकता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में ये पक्षियों के बाजार से फैला था। अगर आप कच्चा या अधपका मांस का सेवन करते हैं तो इसके फैलने का खतरा ज़्यदा होता है। 

किन पक्षियों में होता है बर्ड फ्लू (Which birds have bird flu)

बर्ड फ्लू प्रवासी जलीय पक्षियों खासतौर से जंगली बतख से प्राकृतिक रूप से फैलता है। इन जंगली पक्षियों से ये वायरस घरेलू मुर्गियों में फैल जाता है। जंगली पक्षियों से ये बीमारी सूअरों और गधों तक भी फैल जाती है। साल 2011 तक ये बीमारी बांग्लादेश, चीन, मिस्र, भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम में फैल चुकी थी। अभी राजस्थान में कौओं में तेजी से फ़ैल रहा है।