संदीप माहेश्वरी

Sandeep Maheshwariकिसी ने खूब ही कहा है कि “पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को, उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते।” इन्ही पंक्तियों को याद दिलाता हुआ ये नाम है “संदीप माहेश्वरी।” Sandeep Maheshwari का प्रारंभिक जीवन भी संघर्षों से भरा रहा है। वह अपने जीवन में कई बार असफल हुए लेकिन हार नहीं मानी और सफलता, ख़ुशी और संतोष पाने के लिए लगातार संघर्ष करते हुए आगे बढ़ते गए। वे अन्य लोगो की ही तरह साधारण परिवार से ही थे, लेकिन अपने जीवन के उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने मन में बहुत सारे सपने संजोये हुए थे। उनके पास जो कुछ भी था उन सभी से उन्हें सीखने की तीव्र इच्छा थी। अपने जीवन में कई बार उतार चढाव का सामना करते हुए, समय ने उन्हें जीवन का सही मतलब समझाया।

कहते हैं कि “कामयाबी तक जाने वाले रास्ते कभी सीधे नहीं होते हैं, लेकिन कामयाबी मिलने के बाद सभी रास्ते सीधे हो जाते हैं।” जब उन्हें लगा कि वो अपने स्वयं द्वारा बनाये गये सिद्धांतों पर चलकर सफल हो रहे हैं, तो उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई और तब से लेकर आज तक अपनी सफलता का रहस्य पूरी दुनिया के साथ Share कर रहे है। बाद में वे लोगो की मदत करने के लिए आगे बढे और वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जिस से वे लोगो को सफलता पाने के लिए प्रेरित कर सके, और इसी के चलते उन्होंने लाइव ‘Free Life-Changing Seminars And Sessions’ लेना शुरू किया।

Sandeep Maheshwari का जन्म 28 सितम्बर 1980, को दिल्ली के एक माध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। जब संदीप 15-16 साल के थे तब उनके परिवार पर एक बड़ी मुसीबत आ गयी, उनके पिता का अलुमुनियम का बिजनेस था, पार्टनर्स से हुई कुछ अनबन की वजह से उन्हें वो बिजनेस छोड़ना पड़ा। ये एक बड़ा संकट था, जब पैसा कम होता है तो परेशानियाँ अधिक हो जाती हैं। संदीप का परिवार भी तमाम परेशानियों से जूझ रहा था। पिताजी भी depression में रहने लगे। संदीप को लगा कि उन्हें कुछ करना चाहिए, वो परिवार के साथ मिल कर छोटे-मोटे काम करने लगे और आशा के अनुरूप उन्होंने वो सब कुछ किया जो वो कर सकते थे। वे कोई सामान बनाने वाली Multi-National Company में शामिल हुए और घरगुती उपयोगी सामान की Marketing भी की।

फिर संदीप की लाइफ में एक टर्निंग पॉइंट आया, जब वे अठारह साल के थे तब किसी के बुलाने पर वे एक MLM company की seminar में गए। तीन घंटो में वहां उन्हें कुछ समझ नहीं आया लेकिन अंत में जब एक लड़के ने स्टेज पे खड़े होकर बताया कि उसकी उम्र 21 साल है और वो महीने का ढाई लाख कमाता है तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गयी।

Sandeep आश्चर्य में थे, उन्हें लगा जब इस 21 साल के लड़के के लिए महीने का ढाई लाख कमाना आसान है तो उनके लिए भी है, जब ये कर सकता है तो मैं भी कर सकता हूँ। और अचानक आई इस बिलीफ ने संदीप की लाइफ हमेशा-हमेशा के लिए बदल दी।

संदीप MLM company में successful होने के लिए जी जान से जुट गए, पर सफल न हो पाये ; एक बार फिर उन्हें failure का सामना करना पड़ा। लेकिन इस बार की विफलता से वे निराश नहीं हुए। ये काम उन्होंने दुसरे की मोटिवेशन से शुरू किया था, उनकी अपनी desire नहीं थी।

संदीप जल्द ही कुछ और करना चाहते थे, मन में आया की मॉडलिंग कर लेता हूँ। उन्होंने 19 साल की उम्र में मॉडल के रूप में अपना करियर शुरू किया। जहा मॉडल के परेशानियों और उनको शोषण का अनुभव उन्हें मिला। और यही उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बना जहा उन्होंने ये निश्चित किया की वे दुसरे मॉडल जो संघर्ष कर रहे हो उन्हें प्रेरित करेंगे। और छोटा ही सही, लेकिन यही उनका लक्ष्य था। और बाद में 2 हफ्तों के फोटोग्राफी क्लास के बाद उन्होंने कई मनमोहक और सुन्दर तस्वीरे अपने कैमरे से निकली। उनमे कोई बदलाव नही आया था। वे तो बस अपनी मॉडलिंग दुनिया को बदलने के प्रयास में तीव्र इच्छा से आगे बढ़ते गये। और इसी प्रकार उन्होंने कुछ समय बाद अपनी खुद की कंपनी मैश ऑडियो प्राइवेट लिमिटेड का निर्माण किया और portfolios बनाना शुरू किया।

अगले साल 2002 में, उन्होंने अपने तीन मित्रो के साथ एक कंपनी स्थापित की जो 6 महीनो में ही बंद हो गयी। लेकिन संदीप महेश्वरी का दिमाग अभी भी खुला ही था। और एक नयी संकल्पना दिल से “Sharing” के साथ उन्होंने अपने अब तक के पुरे अनुभवों को एक मार्केटिंग बुक में लिखा. तब वे सिर्फ 21 साल के थे।

वो 2003 था, जब मात्र 10 घंटे 45 मिनट में 122 मॉडल्स के 10000 से भी ज्यादा फोटो लेकर उन्होंने एक विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली कंपनी का निर्माण किया। और आशा के अनुरूप वे कभी नहीं रुके। उनका ध्यान केवल लोगो के कुछ समय के आकर्षण पर नहीं था, बल्कि वे तो अपने विचारो से समस्त मॉडलिंग दुनिया ही बदलना चाहते थे। और 26 साल की आयु में उन्होंने ImageBazaar.Com नाम की website start किया। वो साल 2006 था। अपना Business अच्छी तरह से सेट ना होने के कारण वो कई काम एक साथ करने लगे। वे एक वकील बने, Tele-Caller बने और फोटोग्राफर बने, उन्होंने खुद की इच्छा से ही अपने आप को उन क्षेत्रो में डाला था। और आज, ImageBazaar में भारत की 1 करोड़ से भी ज्यादा फोटो है जो की विश्व में सबसे ज्यादा और साथ ही 45 देशो में 7000 से भी ज्यादा ग्राहक है। उनका ऐसा मानना था की, “फोटोग्राफी में सिर्फ काम नहीं बिकता वहा नाम भी बिकता है, और उन्हें अपना नाम कमाना था।”

संदीप माहेश्वरी ने मॉडलिंग की दुनिया में खुद को ही अपना आदर्श माना। क्यूकी उनके अनुसार मुश्किलों और शोषण का सामना कर के एक बेहतरीन मॉडल सामने आ सकता है। ये उनकी दुनिया बदलने वाला प्रयत्न था जब उन्हें 29 साल की आयु में युवा भारत का सबसे प्रसिद्द उद्योगपति चुना गया। बाद मे उनके विचार ही उनके भाषण का कारन बनी जैसे, “असफलता से कभी नहीं डरना” और “खुद के प्रति और दुसरो के प्रति सत्यवादी होना।”

एक सफल उद्यमी के साथ-साथ, दुनियाभर के लाखो-करोडो लोगो के सलाहकार, आदर्श और Youth Icon भी है। वे लगातार लोगो को प्रेरित करते रहे और उनका जीवन “आसान” बनाते गये और उनके इस अच्छे काम के लिए दुनिया भर से लोगो का साथ और प्यार मिलता गया।

उनका ईश्वरीय शक्ति से कभी ना टूटने वाला दृढ़ विश्वास उन्हें हमेशा शक्ति प्रदान करता था। सफलता के इस पहाड़ पर चड़ने के बाद भी उन्हें कभी पैसो का लालच नहीं आया। और इसीलिए आज उनकी प्रेरित करने वाली संस्था किसी मुनाफे के भरोसे नहीं चलती। वहा काम करने वाले हर एक व्यक्ति के बिच भावनात्मक बंधन होता है जो उन्हें एक दुसरे से और उस संस्था से जोड़े रखता है, और यही उनके लिए जरुरी है। आज उनमे कई सारे संस्थाओ को निर्माण करने की क्षमता है लेकिन वो अपने खुद के द्वारा बनाये गये इस Status से ही संस्तुष्ट है। उनका ऐसा मानना है की, “अगर आपके पास आपकी जरुरत से ज्यादा कोई वस्तु हो तो आपको वो उन लोगो के साथ बाटनी चाहिए जिनको उस वस्तु की सबसे ज्यादा जरुरत हो।”

संदीप माहेश्वरी के Motivational / Inspiring Thoughts

इस तरह से परेशानियों की जड़ो में जाकर उन्होंने कई सारी सच्चाई लोगो के सामने लेकर रखा। अपने बुरे अनुभवों को ध्यान में रखना ही उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना, उनका अनुभव ये बुरे अनुभव से ही बना। संदीप महेश्वरी का ऐसा मानना है की चाहे आप कोई भी काम एक रुपये से शुरू करो या एक लाख से शुरू करो (अपने खुद के पैसो से), बस काम को शुरू करना बहुत जरुरी है, ये कोई मायने नहीं रखता कि आपने उसे कितने पैसो से शुरू किया है। उनका लक्ष्य केवल लोगो को सुलझाना और कल के आने वाली पीढ़ी को प्रेरित कर के भविष्य में सफलता के शिखर पर पहुचने के लिए प्रेरित करना है।

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