समय का सदुपयोग

Samay Ka Sadupyog story in hindi

जीवन का उद्देश्य आगे बढ़ते रहने में है इसी में सुख है, आनंद है परन्तु सुख आनंद को आगे बढ़ाने में जो वस्तु काम करती है वह है समय। जीवन नदी की धारा के समान है जैसे नदी की धारा सभी प्रकार की बाधाओं को पार करके आगे बढ़ती रहती है ठीक उसी प्रकार जीवन की धारा भी सुख-दुःख के साथ संघर्स करते हुए आगे बढ़ती रहती है, जो इस मूल मंत्र को समझ लेते हैं वह ही जीवन में कामयाब होते हैं।

दोस्तों समय का महत्व उस इंसान से पूछो जो घर से तैयार होकर किसी बहुत जरुरी काम के लिए निकले और उसके सामने से ही उसकी Train निकल जाये। तब उस समय उसको अहसास होता है काश एक मिनट पहले घर से निकला होता तो Train मिल जाती। आप लोगों के साथ भी ऐसी बहुत सारी घटनाएँ घटी होंगी जब आपको समय की कीमत का एहसास जरूर हुआ होगा।

समय धन से ज्यादा कीमती है। जो समय बीत जाता है वह कभी वापस नहीं आता है, अतः समय को नष्ट करना जीवन को नष्ट करने के सामान है। समय मानव के लिए ऐसा वरदान है जो इसका सदुपयोग करता है उसे खुशिओं के साथ अपार सफलता प्राप्त होती है, और जो समय के महत्व को नहीं पहचान पाता और उसका दुरूपयोग करता है वह व्यक्ति जीवन में निराशा के गर्त में समा जाता है, जिससे उबरना बहुत ही मुश्किल होता है।

सच ही कहा गया है –

“Time and Tide Wait for None”

विश्व में जितने भी महान व्यक्ति हुए है उन सबने समय के एक-एक पल का सदुपयोग बहुत अच्छी तरह से किया है।

महाकवि तुलसीदास जी ने सही ही कहा है –

“समय चूकि पुनि का पछताने, का वर्षा जब कृषि सुखाने।”

अर्थात जो समय बीत गया अब उसके बारे में सोचना व्यर्थ है। फसल सूख जाने के बाद बारिश का क्या फायदा ! अतः बीते हुए समय को भूलकर अब हमें वर्तमान और भविष्य की चिंता करनी चाहिये।

समय का दुरूपयोग विकास की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। एक बार समय अगर हाँथ से निकल गया तो फिर वो कभी भी वापस नही आता है। हमारा बहुमूल्य वर्तमान क्रमशः भूत बन जाता है जो कभी वापस नहीं आता है। सच ही कहा गया है कि बीता हुआ समय और बोले हुए शब्द कभी वापस नही आ सकते। कबीर दास जी ने कहा है कि –

“काल करै सो आज कर, आज करै सो अब।
पल में परलै होयेगी, बहुरी करेगा कब।।”

दोस्तों आज हमारे देश को हम सब की जरुरत है, हमें अपने देश को विकाश और उन्नति के चरम शिखर तक ले जाना है और यदि हम घण्टों गप-शप व इधर-उधर की बातों में समय बर्बाद करेंगे तो देश का विकाश कैसे होगा? विश्व के अन्य देश जैसे अमेरिका, चीन, जापान आदि विकाश की दौड़ में हमसे कहीं आगे हैं, उन्होंने समय के महत्व को पहचाना है और उसकी कीमत को समझा है। उन्होंने दिन-रात परिश्रम करके अपने देश को इस मुकाम तक पहुँचाया है, उन्हीं की तरह हम भी अगर समय के महत्व को समझें तो प्राकृतिक सम्पदा से परिपूर्ण अपने देश को उनसे भी अधिक उन्नत और विकशित बना सकते हैं। आप सब से उम्मीद है कि इस लेख को पढ़ने के बाद आप समय के महत्व को समझेंगे और अपने सारे काम समय से करने की आदत डालेंगे। यदि यह लेख आपको पसंद आये तो नीचे कमेंट बॉक्स में comment करना मत भूलिये।

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Comments

  1. By Kuldeep

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  2. By Kuldeep

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  3. By Amresh Kumar

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