सुकमा नक्सली हमले में शहीद जवानों को श्रद्धान्जलि

Poem on Naxal Attack in Sukma Chhattisgarh

सबसे पहले मेरी तरफ से सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए सैनिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि ! दोस्तों आज जिस तरह से जवानों पर हमले हो रहे हैं और हमारी सरकार सिर्फ और सिर्फ सांत्वना दे रही है। दोस्तों अगर हमारी सरकार इसी तरह हाथ पे हाथ धरे बैठी रही तो आपस के झगड़े में हम अपने जवानों को खोते जायेंगे और इसका फायदा कोई तीसरा उठायेगा और वह दिन दूर नहीं जब विदेशी ताकतें फिर से हमारे ऊपर शासन करेंगी। हमारे एक मित्र श्री कुलदीप सिंह जी ने एक कविता लिखी है, जिसके माध्यम से उन्होंने हमारी सोई हुई सरकार (Government) को जगाने का काम किया है…. जिसे मैं आप लोगों के साथ Share कर रहा हूँ, यदि आप उनके विचारों से सहमत हैं, तो इस कविता को पढ़ने के बाद Comment और शेयर अवश्य करें।।।

सुकमा में जवानों पे जो हुआ, वो हमला नहीं चुनौती है।
वो देश के रक्षक मार रहे, तुमसे बस निंदा होती है।।

वो कायर हमें ललकारते हैं, छिपकर जवान वो मारते हैं।
हम जब तक नीति बनाते हैं, वो फिर हमले कर जाते हैं।।

जब घर में पापी पैदा हो, पहले भी हमने मारा है।
महाभारत का सार यही है, कृष्ण ने भी यही पुकारा है।।

हे राजनाथ, हे मोदीजी, कब तक बर्दास्त करोगे तुम।
इन पापियों के अत्याचारों पर, अब कब प्रहार करोगे तुम।।

आन, मान, सम्मान तुम्हारा, सब कुछ है अब दाँव पर।
हे प्रधान सेवक अब तुम, वार करो उस गाँव पर।।

तुम आज श्रृणी हो गए पुनः, उस माँ-बाप और बेटी के।
जिनके आँगन का दिया आज, बुझ गया आपकी नीति से।।

तुम याद करो कि लाल चौक पे, तुम ही झण्डा फहराये थे।
इन घर के बैरियों को, तुम ही औकात दिखाये थे।।

तुम साधारण से मोदी ने, सबको इक आस दिलाया था।
हम बदला लेंगे इन पापी से, कुछ तो विश्वास दिलाया था।।

अब मोदी जब तुम PM हो, क्यूँ डरते इन गद्दारों से।
जबकि हम सबके रक्षक, मरते हैं इनके वारों से।।

अब बारी है कुछ करने की, इनसे बदला अब लेने का।
अब समय आ गया है प्रबल, इन गद्दारों के मरने का।।

By- कुलदीप सिंह

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