जन्माष्टमी व्रत पर्व एवं खानपान

janmashtami vrat parv aur khanpanदोस्तों जब -जब धरती पर अत्याचार बढ़ा है तब -तब किसी महाशक्ति ने मनुष्य के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया है। इसी प्रकार जब द्वापर युग अत्याचार बहुत बढ़ गया तो पृथ्वीवासियों को अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया था। पुराणों के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद की कृष्णाष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में अर्धरात्रि के समय हुआ था। इनका जन्म मथुरा की कारागार में देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में हुआ था। जन्म के तुरन्त बाद अत्याचारी कंस से बचाने के लिए उन्हें गोकुल में नन्द और यशोदा के घर पंहुचा दिया गया था। अतः उनका जन्मोत्सव मथुरा, वृंदावन सहित पूरे उत्तर प्रदेश में बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भारत के साथ – साथ विश्व के अनेकों देशों में बहुत ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

जन्माष्टमी का व्रत व खानपान:
दोस्तों कोई भी व्रत या उपवास रखने के एक दिन पहले से ही हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। बहुत सारे लोगों के दिमाग में होता है कि उपवास के पहले भारी व अधिक मात्रा में खाना खाने से अगले दिन भूख नहीं लगेगी, लेकिन ये बिलकुल गलत सोच है, इससे आपकी आपकी शरीर को नुकसान हो सकता है और अपच व गैस की समस्या उत्पन्न हो सकती है। अतः ऐसा कदापि न करें।

जानिये श्री कृष्ण जन्माष्टमी की कहानी

क्या करें तथा क्या न करें:

  • उपवास के एक दिन पहले से ही ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिये।
  • व्रत के दिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर भगवान श्री कृष्ण का ध्यान करना चाहिये।
  • हो सके तो पास के मंदिर में जाकर भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करना चाहिए।
  • भगवान कृष्ण को माखन बहुत पसंद है अतः उन्हें माखन, मिश्री, नारियल से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिये।
  • व्रत के समय भरपूर मात्रा में पानी पियें।
  • फलाहार करें। सेब, केला व नाशपाती आदि मौसमी फलों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
  • दूध का सेवन भी कर सकते हैं।
  • जन्माष्टमी के दिन रात्रि १२ बजे तक उपवास की मान्यता है। अतः इसके बाद आप हल्का भोजन कर सकते हैं।
  • उपवास तोड़ने के बाद तला-भुना खाना नहीं खाना चाहिए।
  • आलू के चिप्स, पापड़ व काफी आदि से परहेज करना चाहिये।
  • घर पर बनी हुई मिठाई का सेवन कर सकते हैं।
  • जन्माष्टमी के दिन लहसुन, प्याज, बैंगन, माँस-मदिरा व पान-तम्बाकू आदि का सेवन नहीं करना चाहिये।
  • मन में सकारात्मक भाव रखकर पूजा करना चाहिए तथा नकारात्मक विचार कभी न आने दें। भगवान श्रीकृष्ण आपकी मनोकामना जरूर पूरी करेंगे।
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Comments

  1. By Ravi Sharma

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