आईएमएस का सिक्योरिटी गार्ड जाएगा लीवरपूल क्लब

Indore Institute Of Management Studies Security Guard Selected For Liverpool Football Clubदोस्तों हमारा देश Bharat युवाओं का देश है। यहाँ young talented people की कोई कमी नहीं है। आज हमें उन युवा प्रतिभाओं को खोजकर निकालने की आवश्यकता है, जो हमारे देश के कोने-कोने में छुपी हुई हैं। इन सब में हमारे देश में युवाओं को आगे बढ़ने में सबसे बड़ी problem हैं, पर्याप्त संसाधन और पैसा। इन्हीं कारणों से आज भी ग्रामीण युवाओं का talent गांव तक ही सीमित रह जाता है। ऐसे ही एक व्यक्ति की कहानी आपके समक्ष रख रहा हूँ, जिसने अपने संघर्ष के दम पर अपने मुकाम तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की है।

यूरोप के बड़े फुटबॉल क्लब हमेशा से ही भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। यूरोप का सबसे बड़े फुटबॉल क्लब ‘लीवरपूल’ के एक्सपर्ट्स इस वर्ष गोवा में आयोजित एक टूर्नामेंट में फुटबॉलर्स को लीवरपूल एकेडमी के लिए सिलेक्ट करने के लिए आए थे। अलग-अलग पैमानों पर खरा उतरने के बाद इंदौर के फुटबॉलर राकेश बारिया को लीवरपूल एकेडमी के लिए सिलेक्ट किया है। आईएमएस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने वाले 10वीं पास राकेश को पहली बार में भी इस इंटरनेशनल क्लब से जुड़ने का मौका मिला।

कोलकाता में फाइनल ट्रायल के साथ ही अब लीवरपूल क्लब के साथ उन्हें ट्रेनिंग लेने का मौका मिलेगा। राकेश कहते हैं कि माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के चलते फुटबॉल की कोचिंग के लिए पैसा नहीं दे पाते थे, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और अपने स्तर पर तैयारियां जारी रखीं। गोवा में एक मैच के दौरान लीवरपूल से आए इंटरनेशनल सिलेक्टर ने मुझे सिलेक्ट किया। प्रदेश से उक्त क्लब के लिए फिलहाल 3 लोगों का सिलेक्शन हुआ है।

गोआ में मेरा खेल किया नोटिस

मैं इंदौर में आदिवासी एकेडमी से फुटबॉल खेलता हूं। अपने दोस्त की टीम के लिए मैं गोआ खेलने गया था, उन्हीं दिनों लीवरपुल के एक्सपर्ट्स भी वहां आए हुए थे और उन्होंने मुझे वहां खेलते देखा और पास, किक और रनिंग को नोटिस किया, इस तरह मुझे लीवरपूल में खेलने की दिशा मिली।

ट्रांसलेटर की मदद से दिया इंटरव्यू

मेरी इंग्लिश अच्छी न होने के कारण ट्रांसलेटर की मदद से मैंने उन्हें अपना इंटरव्यू दिया। इसके बाद मुझे फाइनल ट्रेनिंग के लिए सिलेक्ट किया गया। कोलकाता में डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई किए जाएंगे और उसके बाद यूके क्लब में ट्रेनिंग के लिए ले जाया जाएगा। इस क्लब में पूरी ट्रेनिंग निशुल्क दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत में कोचिंग के तरीके यूरोपियन देशों से काफी अलग हैं। भारतीय खिलाड़ियों का लीवरपूल जाकर प्रशिक्षण लेना बड़े गर्व की बात है और हमारे पास देश में फुटबॉल को और अधिक लोकप्रिय करने का यह सबसे अच्छा मौका है।

5 बार चैम्पियनशिप जीत चुका लीवरपूल क्लब

18 टाइटल और 5 यूरोपियन चैंपियनशिप जीत चुकी लीवरपूल की टीम इंग्लिश फुटबॉल की बेहतरीन टीम बन चुकी है। 1990 में इंग्लिश टाइटल जीत के बाद ये लीवरपूल का सबसे बेहतरीन दौर है। इंग्लिश प्रीमियर लीग के टॉप पर मौजूद ब्रेंडन रोजर्स की टीम ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने से महज 7 पॉइंट की दूरी पर है।

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