उच्च रक्तचाप के कारण, लक्षण और उपचार

ayurvedic treatment for high blood pressure in hindi

दोस्तों आजकल की Busy Life में लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं। आज के समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिये। आपको अपने स्वास्‍थ्‍य के बारे में जानकारी जरूर रखनी चाहिए, फिर आप चाहे किसी भी Field (Medical or Non-medical) में क्यों न हों। शायद आप नहीं जानते हैं कि आपका संपूर्ण स्वास्‍थ्‍य आपके Heart के स्वास्‍थ्‍य पर ही निर्भर करता है और यहां तक कि हमारा जीवनचक्र (Life Cycle) भी सिर्फ तभी तक चलता है, जब-तक कि हमारा Heart काम करता है। दिल के स्वास्‍थ्‍य के विषय में ध्यान देने योग्य एक म‍हत्वपूर्ण बात यह भी है कि आपके Blood Pressure (रक्तचाप) का स्तर ठीक होना चहिए। अगर आपको उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) जैसी कोई समस्या है तो आपमें हृदय से संबंधी समस्याएं होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

आम भाषा में अगर कहा जाय तो रक्त की नलियों द्वारा खून संपूर्ण शरीर में प्रवाहित होता है। जब रक्त का प्रवाह इन नलियों में ज्यादा बढ़ जाता है तो इन नलियों की दीवारों पर दबाव पड़ता है, और इसे ही हम बोलचाल की भाषा में रक्तचाप (Blood Pressure) कहते हैं। एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति का सिस्टोलिक रक्तचाप पारा 90 और 120 मिलिमीटर के बीच होता है। सामान्य डायालोस्टिक रक्तचाप पारा 60 से 80 मि.मि. के बीच होता है, वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्य रक्तचाप 120/80 होना चाहिए। रक्त चाप (Blood Pressure) आधुनिक Life Style की सबसे आम बीमारी बनकर उभरी है। इसे ‘साइलेंट किलर’ तक कहा जाता है। हाई ब्‍लड प्रेशर एक ऐसी अवस्‍था है, जिसमें व्‍यक्ति का ब्‍लड प्रेशर बढ़कर 140/90 हो जाता है। यह बढ़कर 180/120 तक जाता है, जो एक बहुत ही गंभीर अवस्‍था मानी जाती है।

जब यह ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है तो इस स्थिति को डॉक्टर Hypertension या उच्च रक्तचाप कहते हैं। यदि समय रहते इसका ध्यान न दिया जाय तो यह समस्या आगे चलकर दिल का दौरा (Heart Attack), हृदयाघात (Stroke) व अन्य संभावित रूप से घातक बीमारियों का कारण बन सकती है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर (High BP) होने की पुष्टि होती है तो ऐसे में भविष्य में गंभीर हो सकने वाली समस्याओं से बचने के लिए आपको उचित डॉक्टरी मदद व जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करने चाहिए। रक्तचाप को मापने के लिए Sphygmomanometer यंत्र आर्थात रक्तदाबमापी का उपयोग किया जाता है।

High Blood Pressure के लक्षण (Symptoms)

वैसे तो ज़्यादातर लोगो में High BP या Hypertension का कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन कुछ लोगो में ज्यादा Blood Pressure बढ़ जाने पर ये लक्षण (Symptoms) नजर आते हैं-

  • ज़्यादा तनाव महशूश होना
  • सीने में दर्द या भारीपन होना
  • सिर के पिछले हिस्से में दर्द
  • सांस लेने में परेशानी
  • अचानक घबराहट
  • समझने या बोलने में कठिनाई
  • चहरे, बांह या पैरो में अचानक सुन्नपन
  • झुनझुनी या कमजोरी महसूस होना या धुंदला दिखाई देना जैसे लक्षण दिखाई देते है।

High BP के लिए घरेलू उपचार

  • सुबह खाली पेट लौकी (घिया या Gourd) का रस पियें और एक घण्टे तक कुछ न खायें-पियें।
  • लीची व तरबूज खाना चाहिए।
  • रात को सोते समय गरम पानी में एक चम्मच मेथी दाना भिगोकर रख दें और सुबह उठकर उसे खाली पेट चबा-चबा कर खायें, ऊपर से उसका पानी भी पी लें। इससे गठिया (Arthritis) में भी बहुत लाभ मिलता है।
  • सुबह गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच दालचीनी (Cinnamon) पाउडर लेने से Blood Pressure बहुत जल्दी Control होता है।
  • सुबह खाली पेट आधा कप देशी गाय का मूत्र पीने से ब्लड प्रेसर कंट्रोल हो जाता है। गौमूत्र रोजाना पीने से दमा, गठिया (Arthritis) व डायबिटीज में भी आराम मिलता है।

स्वस्थ हृदय के लिए खास घरेलू तरीके

  • भोजन में नमक की मात्रा कम लें।
  • कोलेस्ट्रॉल वाले फल और सब्ज़ियों का सेवन न करें – सेब और संतरे जैसे फल, प्याज़, ब्रोकली जैसी सब्जि़यों और मछली का सेवन करें।
  • नियमित व्यायाम करें और हो सके तो ऊपर चढ़ने के लिए सीढि़यों का प्रयोग करें।
  • गुस्से पर कन्ट्रोल रखें
    Heart के मरीजों के लिए गुस्सा जानलेवा हो सकता है। तनाव दूर करने का हर संभव प्रयास करें, आप मेडीटेशन और योगा का भी सहारा ले सकते हैं। गुस्सा करने से ब्लड प्रेशर और तनाव बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हृदयघात के 90 प्रतिशत केस तनाव के कारण होते हैं।
  • मादक पदार्थों का सेवन न करें।
    बहुत अधिक मात्रा में मादक पदार्थों के सेवन से ब्ल्ड प्रेशर बढ़ जाता है, जिससे आगे जाकर वजन बढ़ता है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। अपने स्वास्‍थ्‍य और रहन-सहन पर थोड़ा ध्यान देकर आप Heart सम्‍बन्‍धी समस्याओं से बच सकते हैं।
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *