फास्ट फूड खाना क्यों शरीर के लिए हानिकारक है ?

फास्ट फूड का तात्पर्य ऐसे भोजन से है जो जल्दी तैयार हो जाते हैं और जिन्हें बनाने में विशेष ताम-झाम की ज़रूरत नहीं होती। फास्ट फूड को जंक फूड के नाम से भी जाना जाता है और यह एक ऐसा भोजन है जिसमें कैलोरी अधिक और पोषक तत्व कम होते हैं।

हाल के दशकों में, पश्चिमी देशों सहित भारत में भी फास्ट फूड की खपत में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है। फास्ट फूड के इस बढ़ते चलन के साथ एक बदलाव जो नज़र आया है वह यह है कि कई खतरनाक बीमारियाँ अब महामारी का रूप ले चुकी हैं। विशेषज्ञ इन बीमारियों के फैलने का एक बड़ा कारण जंक फूड खाने की प्रवृत्ति को मानते हैं।

क्या फास्ट फूड शरीर के लिए नुकसानदेह होते हैं?

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिन्हें नियमित रूप से खाना शरीर के लिए हानिकारक होता है। फास्ट फूड में सोडियम, सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इन्हें अधिक मात्रा में खाने से ये शरीर के लिए अत्यधिक नुकसानदेह साबित होते हैं। इस प्रकार का भोजन बनाने में साबुत अनाज, ताजे फल और सब्जियों जैसे पौष्टिक तत्वों के बजाय उच्च वसा वाले मांस, रिफ़ाइनड अनाज, अत्यधिक मात्रा में चीनी और वसा जैसी सामग्री का इस्तेमाल होता है। सोडियम (उर्फ नमक) का प्रयोग भी फास्ट फूड में अधिक होता है।

लंबे समय तक फास्ट फूड का सेवन करने से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मोटापा जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

side effects of junk food in hindi

मोटापा – मोटापा बढ़ाने में जंक फूड प्रमुख भूमिका निभाता है। जो लोग नियमित रूप से फास्ट फूड खाते हैं, वे उन लोगों की तुलना में अधिक वसा, कार्बोहाइड्रेट और प्रोसेस्ड शुगर और कम फाइबर का सेवन करते हैं जो नियमित रूप से फास्ट फूड नहीं खाते हैं। मोटापा हृदय रोग, मधुमेह और कई अन्य बीमारियों के जोखिम को बढ़ा देता है।

मधुमेह – जब आप शीतल पेय और सफेद आटा जैसे ऐसे पदार्थों का सेवन करते हैं जिनमें फाइबर और अन्य पोषक तत्त्वों की मात्रा कम होती है, तब आपके खून में इंसुलिन का स्तर काफी हद तक बढ़ जाता है। पूरे दिन जंक फूड्स खाने से इंसुलिन का स्तर क्रोनिक रूप से ऊंचा रहने लगता है। इसके परिणामस्वरूप इंसुलिन प्रतिरोध नामक स्थिति शरीर में पैदा होती है, जिससे मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज की शुरुआत हो सकती है।

• पोषक तत्वों की कमी
प्रोसेसिंग की क्रिया के कारण जंक फूड में विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर जैसे पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं। इस कारण इस प्रकार के भोजन के अधिक सेवन से शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति कई बार कम ऊर्जा, मूड स्विंग, डिप्रेशन, नींद की गड़बड़ी आदि बीमारियों का शिकार हो जाता है।

• सोडियम और हृदय रोग
जंक फूड में पाये जाने वाला सोडियम उच्च रक्तचाप और हृदय, यकृत और गुर्दे की बीमारियों का एक प्रमुख कारण है।

• यह पाचन को प्रभावित करता है
जो लोग वसायुक्त जंक फूड के आदी हैं, उन्हें गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जीईआरडी) और चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (आईबीएस) जैसी पाचन समस्याएं होती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जंक फूड अक्सर डीप फ्राइड होता है। जंक फूड में मौजूद तेल पेट में जमा हो जाता है जिससे एसिडिटी होती है। फास्ट फूड पेट में जलन का कारण बनते हैं क्योंकि ये बहुत मसालेदार होते हैं, और इनमें फाइबर की भी कमी होती है जो उचित पाचन के लिए महत्वपूर्ण है।

यह याद रखना ज़रूरी है कि फास्ट फूड के साथ, मॉडरेशन महत्वपूर्ण है। यदि आप सप्ताह में एक से अधिक बार फास्ट फूड खाते हैं, तो इन विकल्पों में से कुछ को चुनने का प्रयास करें।

What are the harmful effects of eating junk food in hindi

यहाँ कुछ युक्तियाँ हैं:

1) टॉपिंग पर ध्यान दें- ड्रेसिंग में क्रीम की जगह विनेगर या ऑलिव ऑइल का प्रयोग करें।
2) मेयोनेज़ या व्हाइट सॉस के बजाय मस्टर्ड सॉस या केचप का उपयोग करें।
3) पिज्जा ऑर्डर करते समय, मांस के बजाय सब्जियों की टोप्पिंग चुनें।
4) मीट या चीज के बजाय अपने सैंडविच में प्याज, सलाद, और टमाटर जैसे सब्जियों का उपयोग करें।
5) अपने भोजन में अधिक नमक न डालें। फास्ट फूड में नमक का प्रयोग भारी मात्रा में होता है। हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी में नमक का बहुत बड़ा योगदान होता है।

जानिए कैसे बनता है आपका खाना

भोजन कितना स्वस्थवर्धक होगा, यह भोजन बनाने के तरीके पर भी निर्भर करता है। सामान्य तौर पर, इन नियमों का पालन करने से खाना शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता है।

1) ऐसे खाद्य पदार्थों का चयन करें जो तले हुए के बजाय उबले हुए या ग्रिल किए गए हों। उदाहरण के लिए, फ्राइड चिकन, फ्रेंच फ्राइज़ या चिकन नगेट्स के बजाय स्टीम्ड सब्जियां या ग्रिल्ड चिकन सैंडविच चुनें।
2) ऐसे सूप चुनें जो क्रीम आधारित न हों। क्रीम टोमॅटो सूप की जगह प्लेन (क्रीम रहित) टोमॅटो सूप का प्रयोग करें।
3) डीपफ्राइड, पैन-फ्राइड, बेक्ड, क्रीमी, क्रिस्पी, या क्रीम सॉस आदि व्यंजनों में आमतौर पर कैलोरी, वसा और सोडियम की मात्रा काफी अधिक होती है। ऐसे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें।

ऊपर दिये गए नियमों का पालन करने से और संयम के साथ फास्ट फूड खाने से आप इनसे होने वाले नुक़सानों से खुद की रक्षा कर सकते हैं।

लेखिका:
विद्या सिंघानिया

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