जिंदगी अपने तरीके से जियें

A Real Story in Hindiदोस्तों यह कहानी मेरे एक friend ने WhatsApp पर send की है, यह कहानी इन्शान के दिल को छू जाने वाली कहानी है। आज लोग चंद पैसों के लिये अपना सब कुछ दांव पर लगाने के लिये तैयार रहते हैं। घर-बार, माँ-बाप, भाई-बहन व अन्य सभी को तो बिलकुल भूल ही जाते हैं। ऐसी ही यह कहानी एक गिलहरी को केंद्र में रखकर लिखी गई है, आशा करता हूँ आप लोगों को भी पसंद आएगी।

बहुत समय पहले की बात है एक जंगल में एक गिलहरी रहती थी। गिलहरी रोज अपने काम पर समय से आती थी और अपना काम पूर्ण मेहनत तथा ईमानदारी से करती थी। गिलहरी जरुरत से ज्यादा काम कर के भी खूब खुश थी क्यों कि उसके मालिक जंगल के राजा शेर नें उसे दस बोरी अखरोट देने का वादा कर रक्खा था।

गिलहरी काम करते करते थक जाती थी तो सोचती थी कि थोडी आराम कर लूँ, वैसे ही उसे याद आता था :- कि शेर उसे दस बोरी अखरोट देगा – गिलहरी फिर काम पर लग जाती।

गिलहरी जब दूसरे गिलहरीयों को खेलते -कुदते देखती थी तो उसकी भी ईच्छा होती थी कि मैं भी enjoy करूँ। पर उसे अखरोट याद आ जाता था। और वो फिर काम पर लग जाती। शेर कभी – कभी उसे दूसरे शेर के पास भी काम करने के लिये भेज देता था। ऐसा नहीं कि शेर उसे अखरोट नहीं देना चाहता था, शेर बहुत ईमानदार था।

ऐसे ही समय बीतता रहा एक दिन ऐसा भी आया जब जंगल के राजा शेर ने गिलहरी को दस बोरी अखरोट देकर आजाद कर दिया। गिलहरी अखरोट के पास बैठ कर सोचने लगी कि, अब अखरोट हमारे किस काम के ? पुरी जिन्दगी काम करते – करते दाँत तो घिस गये, इसे खाऊँगी कैसे ?

दोस्तों यह कहानी आज जीवन की हकीकत बन चुकी है। इन्सान अपनी ईच्छाओं का त्याग करता है, और पुरी जिन्दगी नौकरी में बिता देता है। 60 वर्ष की ऊम्र जब वो रिटायर्ड होता है तो उसे उसका फन्ड मिलता है। तब तक जनरेसन बदल चुकी होती है, परिवार को चलाने वाला मुखिया बदल जाता है।

क्या नये मुखिया को इस बात का अन्दाजा लग पयेगा की इस पैसे के लिये : – कितनी इच्छायें मरी होगी ? कितनी तकलीफें मिलि होगी ? कितनें सपनें रहे होंगे ?

दोस्तों ऐसे बहुत सारे लोग आपको मिलेंगे जिन्होंने अपनी सारी जिन्दगी घर से बाहर रहकर पैसे कमाने में लगा दी और जब वह कुछ करने लायक नहीं रहे तो अपने घर वापस आ जाते हैं। ऐसे पैसे किस काम के जिसे पाने के लिये पूरी जिन्दगी लगाई जाय और उसका इस्तेमाल खुद न कर सके। “इस धरती पर कोई ऐसा आमीर अभी तक पैदा नहीं हुआ जो बीते हुए समय को खरीद सके।

मेरी आपसे यही राय है कि हमेशा सकारात्मक सोच रखें और अपनी life को अपनी तरह से अपने अंदाज में जियें। किसी की नकल और किसी के बहकावे में न आये। यदि यह कहानी आपको पसंद आये तो Comment कीजिये और अपने friends को share करना न भूलिए।

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