भूकंप से बचने के सेफ्टी टिप्‍स

आज भूकम्प (Earthquake) ने लोगों के दिलों में दहशत फैला रखा है, अगर भूकम्प का कोई नाम भी ले लेता है तो हमारा Blood Pressure एकदम से बढ़ जाता है। आज भूकंप की वजह से नेपाल भारत, चीन, अफगानिस्तान व अन्य पड़ोसी देश हिल गये हैं। भूकंप का केंद्र नेपाल था, जहां पर भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। बहुत सारे घर व इमारतें ढह गई, हजारों लोगों ने अपनी जान गवाई और करोड़ो लोग घर से बेघर हो गए। उत्तर भारत में भी लोगों ने भारी झटके महसूस किये। दिल्ली, यूपी, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल में आज धरती तेजी से कांपी है।

Earthquake Safety Tipsभूकंप आना पृथ्‍वी की भूगर्भीय गतिविधियों का एक भाग है, जो कभी भी और कहीं भी आ सकता है। यदि आप यह सोचते हैं कि जहां आप रहते हैं वो इलाका भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील नहीं है, तो आप गलत हैं। भूकंप तब आता है जब पृथ्‍वी के नीचे की सतह पर मौजूद प्‍लेटें, जिन्‍हें टेक्‍टॉनिक्‍स कहते हैं, खिसकती हैं। और टेक्‍टनॉनिक कहीं भी खिसक सकती हैं या आपस में टकरा सकती हैं। इसलिए आपको हमेशा पता होना चाहिये कि भूकंप आने पर क्‍या करना चाहिये।

प्रस्‍तुत हैं कुछ टिप्‍स जो आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा तैयार की गई हैं:-

1. भूकंप के लिए हमेशा और हर वक्‍त तैयार रहना चाहिये। घर बनवाते वक्‍त हमेशा भूकंप की दृष्टि से मजबूत घर बनवाना चाहिये, ताकि भूकंप आने पर घर पर ज्‍यादा असर नहीं पड़े।
2. घर में इस प्रकार सामान रखें कि आपदा के वक्‍त आप आसानी से बाहर निकल सकें। यह नियम ऑफिस में भी लागू होता है।
3. घर में फर्स्‍ट एड किट हमेशा तैयार रखनी चाहिये।

जब भूकंप आये:-

1. जैसे ही आपको भूकंप के झटके महसूस हों, वैसे ही आप किसी मजबूत टेबल के नीचे बैठ जायें और कस कर पकड़ लें।
2. जब तक झटके जारी रहें, तब तक एक ही जगह बैठे रहें। या जब तक आप सुनिश्चित न कर लें कि आप सुरक्षित ढंग से बाहर निकल सकते हैं।
3. बड़ी अलमारियों से दूर रहें, यदि वो आपके ऊपर गिर गई तो आप चोटिल हो सकते हैं।
4. यदि आप ऊंची इमारत में रहते हैं तो खिड़की से दूर रहें।
5. यदि आप बिस्‍तर पर हैं तो वहीं रहें और उसे कसकर पकड़ लें। अपने सिर पर तकिया रख लें।
6. यदि आप बाहर हैं तो किसी खाली स्‍थान पर चले जायें, यानी बिल्डिंग, मकान, पेड़, बिजली के खंभों से दूर।
7. यदि आप उस समय कार चला रहे हैं तो कार धीमी करें और एक खाली स्‍थान पर ले जाकर पार्क कर दें। तब तक कार में बैठे रहें, जबतक झटके खत्‍म नहीं हो जायें।

जानिए रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता जब इतनी हो, तो उसका क्या होता है असर:-

1. 0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2. 2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है।
3. 3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
4. 4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5. 5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल सकता है।
6. 6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7. 7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8. 8 से 8.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
9. 9 और उससे ज्यादा रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी। भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।

दोस्तों भूकम्प एक प्राकृतिक आपदा है और सावधानी ही इसका उपचार है। आपसे निवेदन है कि भूकम्प से घबरायें नहीं और सावधानी बरतें तथा यह सन्देश लोगों तक जरूर पहुचाएं, हो सकता है आपके एक शेयर से किसी की जान बच जाये।

यदि आपके पास स्वलिखित कोई अच्छे लेख, कविता, News, Inspirational Story, या अन्य जानकारी लोगों से शेयर करना चाहते है तो आप हमें “info@sochapki.com” पर ईमेल कर सकते हैं। अगर आपका लेख हमें अच्छा लगा तो हम उसे आपकी दी हुई details के साथ Publish करेंगे।
धन्यवाद!

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *