Religious Archive

जन्माष्टमी व्रत पर्व एवं खानपान

दोस्तों जब -जब धरती पर अत्याचार बढ़ा है तब -तब किसी महाशक्ति ने मनुष्य के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया है। इसी प्रकार जब द्वापर युग अत्याचार बहुत बढ़ गया तो पृथ्वीवासियों को अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया था। पुराणों के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद

सावन में शिव पूजा का महत्व व खान-पान

दोस्तों हिन्दी महीनों की शुरुआत चैत्र के महीने से होती है और चैत्र से पाँचवाँ महीना सावन का महीना कहा जाता है। भगवान शिव की अराधना सावन के इसी पवित्र महीने में की जाती है। भगवान शिव की पूजा सावन में प्रधान देवता के रूप में की जाती है। अतः हिन्दु धर्म में सावन के

यह गलतियां करने से माता रानी जानिए क्यों हो जाती है नाराज

जैसा कि आप सब जानते हैं कि आजकल माता रानी के दिन चल रहे हैं। यानी कि नवरात्रि चल रही है। ऐसे में हर मंदिर और हर जगह आपको धूमधाम नजर आएगी। हर जगह आपको माता रानी के जयकारे सुनाई देंगे। इस 9 दिन में कई लोग पूरी श्रद्धा भावना के साथ माता रानी का

अगर आप चाहते हैं कि आपके पति की सारी समस्याएं हो जाए दूर, तो बस करें ये छोटा सा उपाय

कहते हैं ना कि शादी का रिश्ता सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है और इस रिश्ते में पति पत्नी को एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए। क्योंकि पति पत्नी एक दूसरे के बिना पूरे नहीं होते हैं। वहीं अगर पति को किसी भी तरह की सफलता प्राप्त होती है तो उसके पीछे पत्नी

Maha Shivaratri व्रत, पर्व और कथा

महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है जिसमे भगवान शिवा की पूजा की जाती है. भगवान शिव को यू तो प्रलेयंकारी देवता के रूप मे जाना जाता है. लेकिन वे थोड़ी सी भक्ति मे प्रसन्न भी हो जाते है इसलिए भगवान शिव मनुष्य, देवता और राक्षसों सब के प्रिय है और इसलिए इन्हें भोलेनाथ भी

गुरु नानक जयंती

हमारे देश में समय-समय पर अनेकों संत-महात्माओं ने जन्म लिया है। गुरुनानक देव जी उनमे से एक हैं। जिन्होंने हमारे देश और समाज को सुधारने में अपना सारा जीवन लगा दिया। ऐसे महात्मा को हम सत-सत नमन करते हैं। गुरु नानक देव का जन्मदिवस कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिख समुदाय के प्रथम धर्मगुरु के रूप

नवरात्रि या नवदुर्गा

हमारे देश को अगर हम पर्व और त्यौहारों का देश कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि सम्पूर्ण विश्व में सबसे ज्यादा पर्व भारत में ही मनाये जाते हैं। भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वोत्तम संस्कृति है। विश्व के बहुत सारे देशों ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को अपनाया है। हमारे देश में अनेकों देवी-देवताओं, संत-महात्मा,

आरती काली मां की

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ तेरे भक्त जनों पे माता, भीर पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पडो माँ, करके सिंह सवारी॥ सौ सौ सिंहों से तु बलशाली, दस भुजाओं वाली। दुखिंयों के दुखडें निवारती, ओ मैया हम

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

भगवान श्री कृष्ण के जन्म दिवस को हम कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) के नाम से मनाते हैं। भारत ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में यह पर्व बहुत ही हर्षोल्लाष के साथ मनाया जाता हैं। भगवान कृष्ण को लोग यशोदा नंदन, लीलाधर, देवकी नंदन, रास रचयिता व गिरिधर जैसे विभिन्न नामों से जानते हैं। कृष्ण भगवान

कुशीनगर – भगवान बुद्ध निर्वाणस्थली

कुशीनगर भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश का एक जिला एवं एक एक छोटा सा कस्बा है। इस जनपद का मुख्यालय कुशीनगर से कोई 15 किमी दूर पडरौना में स्थित है। कुशीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर गोरखपुर से कोई 50 किमी पूरब में स्थित है। महात्मा बुद्ध का निर्वाण यहीं हुआ था। यहाँ अनेक सुन्दर बौद्ध मन्दिर