Great Personalities Archive

सरदार पटेल के जीवन के प्रेरक प्रसंग

सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 में गुजरात के नडियाद में एक किसान परिवार में हुआ था। उनकी माता का नाम लाडबा देवी एवं पिता का नाम झवेरभाई पटेल था। सरदार पटेल बचपन से ही बहुत परिश्रमी थे और पिता के साथ खेती में हाथ बटाते थे। हाईस्कूल की पढाई के बाद

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘Statue of Unity’

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of Unity) मतलब एकता की प्रतिमा! Statue of Unity भारत के प्रथम उप प्रधानमन्त्री तथा गृहमन्त्री (First Home Minister and Deputy Prime Minister of India) सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित एक स्मारक है, यह स्मारक गुजरात राज्य के भरुच (Bharuch) के निकट नर्मदा जिले (Narmada District) में स्थित है। गुजरात के

लाल बहादुर शास्त्री के जीवन के प्रेरक प्रसंग

लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। वो एक ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपने शाशनकाल में स्वजनों की, स्वजातियों और सगे – सम्बन्धियों की उपेक्षा करके सत्य की रक्षा की। यहाँ तक कि उन्होंने अपनी वृद्धा माता एवँ अपनी पत्नी की भी सिफारिश पर कभी जरा भी ध्यान नहीं दिया। सत्रह – अठारह वर्षों

स्टीफन विलियम हॉकिंग

“मुझे मौत से कोई डर नहीं लगता, मगर मुझे मरने की भी कोई जल्दी नहीं है। क्योंकि मरने से पहले भी जिंदगी में बहुत कुछ करना बाकी है।” ये कहना है महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का ! स्टीफन हॉकिंग (Stephen William Hawking) के शरीर का कोई भी अंग काम नहीं करता है, वो न चल

अरुणिमा सिन्हा

दोस्तों आज एक ऐसी महिला की कहानी आप लोगों के साथ share करने का जा रहा हूँ, जिसे पढ़कर आपकी रूह काँप उठेगी, आपके शरीर में Current दौड़ जायेगा और आप भी अपने जीवन में कुछ अच्छा करने पर मजबूर हो जायेंगे। दोस्तों सुख-दुखः तो हर इंसान के जीवन में लगे ही रहते लेकिन अरुणिमा

महात्मा गांधी की जीवनी

दोस्तों आज हम सभी भारतवासी आजादी की खुली हवा में साँस ले रहे हैं तो उसका श्रेय उन तमाम देशप्रेमियों को जाता है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना तन, मन और धन सब कुछ न्योछावर कर दिया। उन लोगों ने अंग्रेजो की गोलियां खाई और भारत की आजादी (Independence) के लिए हँसते-हँसते फांसी

एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स के आखिरी शब्द

दोस्तों आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में इंसान रात-दिन मेहनत करता है। वह तब-तक Work करता है, जब-तक उसमें क्षमता होती है। Sufficient पैसे होने के बावजूद वह पैसों के पीछे भागता रहता है। इसकी वजह से वह अपने Family तथा बच्चों को भी समय नहीं दे पाता है। और अंत समय में बस

धीरुभाई अंबानी

धीरजलाल हीरालाल अंबानी या धीरुभाई अंबानी का जन्म 28 दिसम्बर 1932, को जूनागढ़, चोरवाड़, गुजरात के एक बहुत ही सामान्य परिवार में हुआ था। उनके पिता हीराचंद अम्बानी गाँव की एक शिक्षण-संस्था में पढ़ाते थे, तथा माता जमनाबेन एक घरेलू महिला थीं। कहा जाता है की धीरुभाई अंबानी ने अपना उद्योग व्यवसाय सप्ताहंत में गिरनार

पी० वी० सिंधु या पुसरला वेंकट सिंधु

दोस्तों दुनिया के हर खिलाड़ी का सपना होता है क़ि वह ओलंपिक में खेले और जीतकर अपने देश के लिये मैडल लाये। हर खिलाड़ी अपने खेल में जीतने की पूरी कोशिश करता है, लेकिन उन सब में जीतता वही है जिसके पास हिम्मत, ताकत और Techniques के साथ-साथ कुछ कर गुजरने का जज्बा या जुनून

खुदीराम बोस

दोस्तों हमारे देश भारत को आजाद करवाने के लिए न जाने कितने नौजवानों ने अपनी जान न्योछावर कर दी, माताओं ने अपने लाल खोये और न जाने कितनी सुहागिने विधवा हो गईं। इन सबका हिसाब लगाना नामुमकिन है। उन लोगों ने अंग्रेजों के अत्याचार सहने के बजाय मौत को गले लगाना ज्यादा बेहतर समझा। और