Festivals Archive

गुरु नानक जयंती

हमारे देश में समय-समय पर अनेकों संत-महात्माओं ने जन्म लिया है। गुरुनानक देव जी उनमे से एक हैं। जिन्होंने हमारे देश और समाज को सुधारने में अपना सारा जीवन लगा दिया। ऐसे महात्मा को हम सत-सत नमन करते हैं। गुरु नानक देव का जन्मदिवस कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिख समुदाय के प्रथम धर्मगुरु के रूप

नवरात्रि या नवदुर्गा

हमारे देश को अगर हम पर्व और त्यौहारों का देश कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी क्योंकि सम्पूर्ण विश्व में सबसे ज्यादा पर्व भारत में ही मनाये जाते हैं। भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वोत्तम संस्कृति है। विश्व के बहुत सारे देशों ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता को अपनाया है। हमारे देश में अनेकों देवी-देवताओं, संत-महात्मा,

रक्षाबन्धन

रक्षाबन्धन हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है जो प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) मास में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं। रक्षाबंधन भाई बहनों का वह त्योहार है तो मुख्यत: हिन्दुओं में प्रचलित है पर इसे भारत के सभी धर्मों के

बुद्ध पूर्णिमा

बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा गौतम बुद्ध के सम्मान में बुद्ध पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाता है। यह बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार है और महान उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी दिन, भगवान् बुद्ध को आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई थी और निर्वाण या मोक्ष प्राप्त हुआ था। कुछ लोगों का मानना ​​है कि

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस (International Labour Day)

मई माह के पहले दिन अर्थात 1 मई को विश्व के लगभग सभी देशों में मई दिवस (May Day) या मजदूर दिवस मनाया जाता है। भवन निर्माण, कल-कारखानों और लघु उद्योगों में लगे मजदूर अपनी मेहनत से उद्योगपतियों की किस्मत तो चमकाते हैं लेकिन उनके और उनके परिवार का भविष्य अंधकारमय है। अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस

Mata Siddhidatri (नवदुर्गा: माता सिद्धिदात्री)

नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवमी के दिन माँ की पूजा करने के बाद नवदुर्गा का अनुष्ठान पूर्ण हो जाता है। कहते हैं माँ सिद्धिदात्री की आराधना करने से व्यक्ति को सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं और उसे सभी बुरे कर्मों से लडऩे की शक्ति मिलती है।

Maa Mahagauri (नवरात्रि अष्टमी माँ महागौरी पूजा)

नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा का आठवां रूप माता महागौरी की पूजा की जाती है। माता अपने भक्तों के भीतर पल रही बुराइयों को मिटाकर उनको सद्बुद्धि व ज्ञान की ज्योति जलाती है। मां महागौरी की आराधना करने से व्यक्ति को आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है और उसके भीतर श्रद्धा विश्वास व निष्ठा की

Maa Kalratri (नवरात्रि सप्तमी अन्धकार की रानी माता कालरात्रि)

नवरात्रि के सातवें दिन माँ अम्बे की सातवीं शक्ति स्वरूप “माँ कालरात्रि” की पूजा की जाती है। इनका शरीर घने अन्धकार के सामान काला होने के कारण इन्हें कालरात्रि के नाम से जाना जाता है। माता कालरात्रि के सिर के बाल बिखरे हुए हैं। गले में दामिनी के सामान चमकने वाली माला सुशोभित है। लोगों

Devi Katyayani (षष्ठी नवरात्रि : माँ कात्यायनी देवी)

नवरात्रि के छठवें दिन माता दुर्गा के रूप “माँ कात्यायनी” की पूजा की जाती है। कहते हैं कि महर्षि कात्यायन ने कठोर तप करके माता से वरदान माँगा था कि माँ उनकी पुत्री के रूप में जन्म लें। अतः महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर माँ ने उनके यहाँ जन्म लिया। महर्षि कात्यायन की पुत्री

Maa Skandmata (नवरात्र पांचवा दिन : मां स्कन्दमाता)

नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां अम्बे के हर रूप की तरह यह रूप भी बेहद सरस और मोहक है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से माता के भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां अपने भक्तों के सारे दोष और पाप दूर करके उनकी समस्त