हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक ईलाज

ayurvedic medicine for heart blockageभगवान न करे कि आपको कभी जिंदगी मे heart attack आए। लेकिन अगर आ गया तो आप जाएँगे डाक्टर के पास। और आपको ये भी मालूम ही है एक Angioplasty आपरेशन आपका होता है। Angioplasty आपरेशन मे डाक्टर दिल की नली मे एक Spring डालते हैं। उसको Stent कहते हैं, और ये Stent अमेरिका से आता है और इसका Cost of Production सिर्फ 3 डालर का है, और यहाँ लाकर लाखो रुपए मे बेचते है आपको।

आप इसका आयुर्वेदिक इलाज करे बहुत ही सरल है। पहले आप एक बात जान लीजिये। Angioplasty आपरेशन कभी किसी का सफल नहीं होता। क्यूंकि डाक्टर जो Spring दिल की नली मे डालता है, वो Spring बिलकुल Pen के Spring की तरह होता है और कुछ दिन बाद उस Spring की दोनों Side आगे और पीछे फिर से Blockage जमा होनी शुरू हो जाएगी। और फिर दूसरा Attack आता है। अब डाक्टर आपको फिर कहता है कि Angioplasty आपरेशन करवाओ, और इस तरह आपके लाखो रूपये लुट जाते है और आपकी ज़िंदगी इसी मे निकाल जाती है।

हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक इलाज
हमारे देश भारत मे 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे उनका नाम था महाऋषि वागवट जी। उन्होने एक पुस्तक लिखी थी जिसका नाम है अष्टांग हृदयम। और इस पुस्तक मे उन्होने ने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे। ये उनमे से ही एक सूत्र है।

वागवट जी लिखते है कि कभी भी हरद्य को घात हो रहा है। मतलब दिल की नलियो मे Blockage होना शुरू हो रहा है। तो इसका मतलब है कि रक्त (Blood) मे Acidity (अमलता ) बढ़ी हुई है।

अमलता आप समझते है ! जिसको अँग्रेजी मे कहते है acidity !!

अमलता दो तरह की होती है !
1. पेट कि अमलता।
2. रक्त (Blood) की अमलता।

आपके पेट मे अमलता जब बढ़ती है, तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है। खट्टी खट्टी डकार आ रही है। मुंह से पानी निकल रहा है, और अगर ये अमलता (Acidity) और बढ़ जाये तो Hyper Acidity होगी। और यही पेट की अमलता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त मे आती है तो रक्त अमलता (Blood Acidity) होती है।

जब Blood मे Acidity बढ़ती है तो ये अमलीय रक्त (Blood) दिल की नलियों में से निकल नहीं पाता और नलियों में Blockage कर देता है। तभी Heart Attack होता है। इसके बिना Heart Attack नहीं होता और ये आयुर्वेद का सबसे बडा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं है क्यूंकि इसका इलाज सबसे सरल है।

इलाज क्या है ?
वागबट जी लिखते हैं कि जब रक्त (Blood) में अमलता (Acidity) बढ़ गई हो तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो छारीय हैं। आप जानते है दो तरह की चीजे होती हैं, अमलीय और छारीय (Acid and Alkaline). अब अम्ल और क्षार को मिला दो तो होता है = Neutral.

तो वागबट जी लिखते है, कि रक्त कि अमलता बढ़ी हुई है तो छारीय (Alkaline) चीजें खाओ तो रक्त की अमलता (Acidity) Neutral हो जाएगी, और फिर Heart Attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं।

अब आप पूछोगे जी ऐसे कौन सी चीजे है जो छारीय है और हम खाये ?

आपके रसोई घर मे सुबह से शाम तक ऐसी बहुत सी चीजे है जो छारीय है, जिन्हें आप खायें तो कभी Heart Attack न आए।

सबसे ज्यादा आपके घर मे छारीय चीज है वह है लौकी। English मे इसे कहते है Bottle Gourd, जिसे आप सब्जी के रूप मे खाते हैं। इससे ज्यादा कोई छारीय चीज ही नहीं है। तो आप रोज लौकी का रस निकाल-निकाल कर पियो या कच्ची लोकी खाओ।

कितना करे? : रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो !!

कब पिये? : सुबह खाली पेट (Toilet जाने के बाद ) पी सकते हैं या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते हैं।

इस लौकी के रस को आप और ज्यादा छारीय बना सकते हैं। इसमें 7 से 10 पत्ते तुलसी के डाल लो। तुलसी बहुत छारीय है। इसके साथ आप पुदीने से 7 से 10 पत्ते मिला सकते हैं। पुदीना बहुत छारीय है। इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डालें। ये भी बहुत छारीय है।

लेकिन याद रखें नमक काला या सेंधा ही डाले, वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डालें। ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है।

तो मित्रो आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करें 2 से 3 महीने। आपकी सारी Heart की Blockage ठीक कर देगा। 21 वे दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा। कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी। घर मे ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा। और आपका अनमोल शरीर और लाखो रुपए आपरेशन के बच जाएँगे।

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