एक दिन एक फ़कीर सुबह-सुबह किसी शहर में जाने के लिए अपने गाँव से निकला। चलते – चलते उसे सुबह से शाम हो गई, परन्तु उसे कोई भी शहर दिखाई नहीं दिया। शाम से रात्रि होने लगी किन्तु वह शहर नहीं पहुँच सका। वह निरन्तर आगे चलता जा रहा था। आखिर में मध्य रात्रि के