अब्राहम लिंकन जिन्हें दास प्रथा का अंत करने के लिए जाना जाता है।

एक बेहद गरीब परिवार में जन्मे और कम औपचारिक शिक्षा के बावजूद अमेरिका के राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुँचने वाले अब्राहम लिंकन न केवल अपने देशवासियों के लिए बल्कि पूरी दुनिया में करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा के श्रोत हैं। मृत्यु के कई दशकों के बाद आज भी अपनी करिश्माई शख्सियत के बदौलत वह लोगों में बेहद लोकप्रिय हैं। उनके इस अनोखे आकर्षण का कारण हैं- उनकी फर्श से अर्श तक वाली जीवन गाथा, उनका विशिष्ट मानवीय व्यक्तित्व, उनकी नाटकीय मृत्यु और अमेरिका को उसके सबसे बड़े संकट ‘गृह युद्ध’ से उबारने और दासता खत्म करने में उनकी अहम भूमिका।

लोकतंत्र के प्रवक्ता के रूप में उनकी वाकपुटता के कारण उनकी प्रासंगिकता और भी अधिक बढ़ जाती है।

अब्राहम लिंकन का बचपन और जवानी

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अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी 1809 को थॉमस और नैन्सी हैंक्स लिंकन के घर हॉजविले, केंटकी के पास सिंकिंग स्प्रिंग्स फार्म में हुआ था और उनका नाम उनके नाना के नाम पर रखा गया था। माना जाता है कि उनका जन्म एक 16′ x 18, लॉग केबिन (लकड़ी के कमरे) में हुआ था। लिंकन की एक बहन, सारा थी, जो उनसे दो साल बड़ी थी। लिंकन के छोटे भाई, थॉमस, की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी।

जब अब्राहम दो साल का था, तो परिवार नॉब क्रीक फार्म नामक जगह में जा गुजर बसर करने लगा। पांच साल बाद, उनके परिवार को आर्थिक तंगी के चलते उस जगह को भी छोडना पड़ा। इस बार उनका परिवार इंडियाना के लिटिल पीजियन क्रीक नामक जंगली क्षेत्र में जा बसा। 5 अक्टूबर, 1818 को, उनकी मां की मृत्यु हो गई। लिंकन के पिता,थॉमस, ने एक साल बाद केंटकी की एक महिला सारा बुश जॉनसन से, पुनर्विवाह किया।

हालाँकि अब्राहम और उसके पिता के बीच कभी गहरे, आत्मीय संबंध नहीं रहे, लेकिन अपनी बहन सारा के साथ उन्हें बहुत लगाव था और भाई-बहन का यह प्यार जीवन भर बेहद मजबूत बना रहा।

अब्राहम का बचपन गरीबी और कष्ट में बीता। अब्राहम का ज़्यादातर समय पिता की मदद करने, खेतों की साफ-सफाई और फसलों की देखभाल करने में जाता था।  लेकिन शिकार करने और मछली पकड़ने में उनकी कोई रुचि नहीं थी।  अपने बचपन का ज़िक्र करते हुए एक बार उन्होंने कहा कि, “पैंथर की चीख, सूअर पर शिकार करते भालू और इंडियाना सीमांत जीवन की गरीबी” उन्हें बड़े होने के बाद भी कचोटती रही।

अब्राहम की औपचारिक शिक्षा बहुत कम थी, लेकिन किताबों और सीखने में उनकी गहरी रुचि थी। उन्होंने जो कुछ सीखा वह अधिकांश आत्म-शिक्षित था।

1830 में, जब अब्राहम 21 वर्ष के थे, तो उनका परिवार इलिनोइस चला गया। एक युवा व्यक्ति के रूप में, लिंकन ने दुकानदार, सर्वेक्षक और पोस्टमास्टर सहित कई तरह के काम किए। एक समय उन्होंने जीविका के लिए लकड़ी काटने का भी काम किया।

न्यू सलेम में वह एक स्टोर में एक पार्टनर भी रहे, जो असफल रहा, और स्टोर के लेनदारों को भुगतान करने में उन्हें वर्षों का समय लग गया। 1832 ईस्वी के युद्ध के दौरान वे एक मिलिट्री इकाई के कप्तान चुने गए।  इसी दौरान उनकी मुलाक़ात उस व्यक्ति से हुई जिसने उनके जीवन को कई तरीकों से बदल दिया: वे इंसान थे जॉन टॉड स्टुअर्ट।

वकालत और राजनीति की शुरुआत

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स्टुअर्ट और लिंकन दोनों ने उस साल इलिनोइस महासभा के लिए चुनाव लड़ा; स्टुअर्ट जीता, लेकिन लिंकन हार गए। दो साल बाद, हालांकि, दोनों पुरुषों ने चुनाव जीता। प्रबंधन और साज़िश में माहिर, स्टुअर्ट ने लिंकन को कानूनी पढ़ाई का रास्ता दिखाया और उन्हें कानून की किताबें उधार दीं।  1836 में, लिंकन को कानून का अभ्यास करने का लाइसेंस मिला।  यहाँ से उनके वकालत के कैरियर की शुरुआत हुई और एक वकील के रूप में लिंकन बेहद सफल रहे।

1860 में राष्ट्रपति के रूप में चुनाव से पहले, उन्होंने इलिनोइस में एक वकील और राजनेता के रूप में सफल करियर बनाया। इलिनोइस विधानमंडल में चार बार चुने गयें। इसके अलावा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य रहें। वे पेटेंट प्राप्त करने वाले एकमात्र अमेरिकी राष्ट्रपति होने का गौरव भी रखते हैं; 1849 में, उन्होंने सैंडबार्स से रिवरबोट्स उठाने के लिए एक प्रणाली तैयार की।

1845 में उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ा। उन्होंने चुनाव जीता और एक कार्यकाल के लिए कांग्रेस में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने एक वकील के रूप में अपना काम करना जारी रखा। बाद में, लिंकन ने अमेरिकी सीनेट के लिए चुनाव लड़ा, वह जीत नहीं पाए लेकिन बहस के दौरान गुलामी के खिलाफ अपने तर्क के लिए वे राष्ट्रीय नेता के रूप में पहचाने जाने लगें।

लिंकन ने 1860 में अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीता और 1861, मार्च में अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभाल संभाला।

गृह युद्ध

लिंकन के पद ग्रहण करने के एक महीने बाद ही दक्षिण कैरोलिना के फोर्ट सम्टर में 12 अप्रैल, 1861 को गृह युद्ध शुरू हुआ। चार साल तक चले इस खूनी युद्ध में 600,000 अमेरिकियों की जान चली गई। लिंकन ने युद्ध के दौरान सभी प्रकार के विरोध का सामना किया, लेकिन देश को एक साथ रखने में कामयाब रहे। राष्ट्रपति के रूप में यह उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी।

मुक्ति उद्घोषणा और दास प्रथा का अंत

1 जनवरी, 1863 को लिंकन ने मुक्ति प्रस्तावना जारी किया। यह एक आदेश था जिसने अमेरिका के दासों को दासता से मुक्त किया। हालाँकि सभी दासों को तुरंत मुक्त नहीं किया गया, लेकिन इसने 13 वें संशोधन का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे कुछ वर्षों बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में दास प्रथा का अंत हुआ।

अब्राहम लिंकन के अनमोल विचार

गेटिसबर्ग संबोधन

आज, लिंकन को अक्सर 1 नवंबर 1863 को गेटीबर्ग में दिए गए एक छोटे भाषण के लिए याद किया जाता है। इसे गेटीबर्गबर्ग एड्रेस कहा जाता है। यह केवल कुछ ही मिनटों का था, लेकिन अमेरिकी इतिहास के सबसे महान भाषणों में से एक माना जाता है।

मृत्यु

14 अप्रैल 1865 की रात लिंकन, अपनी पत्नी के साथ, फोर्ड के थिएटर में एक नाटक देखने के लिए गए। प्रदर्शन के दौरान, एक अभिनेता जॉन विल्क्स बूथ प्रेसिडेंट बॉक्स में पहुँच गए और लिंकन को सिर में गोली मार दी। अगली सुबह राष्ट्रपति का निधन हो गया। वे पहले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति थे जिनकी हत्या की गयी थी।

अब्राहम लिंकन को, गृहयुद्ध के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका को एकजुट रखने और दासता के खिलाफ उनकी मुहिम के लिए इतिहास कभी नहीं भुला पाएगा।

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